Home / जुर्म / कोलकाता कांड में कई सफेदपोश चेहरों पर गिर सकती है गाज, हो सकते हैं बेनकाब
Videos_01

कोलकाता कांड में कई सफेदपोश चेहरों पर गिर सकती है गाज, हो सकते हैं बेनकाब

WEST BENGAL; पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में ट्रेनी महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले में हर रोज नये खुलासे हो रहे हैं। लेकिन सीबीआई के इस खुलासे के बाद किसी की भी रुह कांप जाएगी। सीबीआई की जांच और मृत महिला डॉक्टर के सहयोगी छात्रों के बयान से पता चला है कि,  महिला डॉक्टर की हत्या के पीछे एक बड़ी वजह नजर आ रही है। जानकारी के मुताबिक आरजी कर मेडिकल कॉलेज में मानव अंगों की तस्करी का कारोबार पर्दे के पीछे बड़े पैमाने पर चलता है। जिसकी भनक इस ट्रेनी महिला डॉक्टर को लगी। महिला डॉ. इस गंदे धंधे को बेनकाब करना चाहती थी। संभावना जताई जा रही है कि महिला डॉ. तस्करों के बीच में रोड़ा बनी हुई थी। आरोपियों को इस बात का भी डर था कि ट्रेनी डॉ. मानव तस्करी का भंडा-फोड करने वाली है। इसलिए उन्होंने साजिश के तहत महिला डॉ. को रास्ते से हटाना ही उचित समझा और इस घिनौनी घटना को अंजाम दिया। 

कुछ नेताओं के लिप्त होने की संभावना

वहीं सीबीआई की टीम लगातार जांच में जुटी हुई है। और अब तक 19 लोगों से पूछताछ भी कर चुकी है। जिनमें अधिकतर लोगों ने मानव तस्करी के रैकेट को लेकर जानकारी दी है। वहीं सीबीआई की टीम ने भी दावा किया है कि इस घटना की जद में कई सफेदपोश चेहरे भी आ सकते है। बता दें कि, सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक मीडिया को बताया कि इस घटना के पीछे की जड़े काफी गहरी हो सकती हैं। महिला का रेप तो केवल इसलिए किया गया है, ताकि यह एक आम घटना लगे।
वहीं एक सियासी दल के वरिष्ठ नेता ने भी यह दावा किया है कि, उनके पास डॉक्टरों के एक वॉट्सएप ग्रुप के स्क्रीनशॉट हैं। जो इस बात का सबूत साबित हो सकते हैं। जिससे यह पता चल सकता है कि किस तरह  से अस्पताल में सेक्स और ड्रग रैकेट का धंधा चल रहा था। इसके बाद सीबीआई सूत्रों के अनुसार एक अन्य पार्टी के वरिष्ठ नेता के भतीजे का भी हाथ होने की संभावना है। इसके अलावा चार लोग और भी हैं जो इस धंधे के कारोबारी हैं। दावा किया गया है कि चारों सियासी दलों से जुड़े हैं। और उसी के दम पर अस्पताल में सेक्स रैकेट चलाते हैं। सीबीआई का कहना है कि टीम मजबूत सबूत जुटा रही है।

ट्रेनी महिला डॉक्टर के पिता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस घटना में पूरा डिपार्टमेंट ही लिप्त है। वहीं उन्होंने इस पर भी  संदेह जताया कि उनकी बेटी का शव सबूत छुपाने के लिए सेमीनार में लाकर रख दिया हो।

कोलकाता पुलिस को नहीं मिला कोई ठोस सबूत

कोलकाता पुलिस ने मीडिया को बताया कि इस संबंध में की गई शुरूआती जांच में एक सियासी दल के वरिष्ठ नेता और एक नेता के बेटे का आया था। लेकिन कोई पुख्ता सबूत न मिलने की वजह से उनको हिरासत में नहीं लिया गया। वहीं कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल ने पत्रकारों को बताया कि महज किसी बयान के आधार पर किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकते, जबतक कि कोई ठोस सबूत नहीं मिलता।

क्या है कॉलेज के छात्रों का दावा ?

छात्रों ने दावा किया है कि कॉलेज में चल रहे सेक्स रैकेट की जनकारी पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को पहले से थी। लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। वहीं घोष पर यह भी आरोप है कि पोस्टमार्टम के लिए आने वाले लावारिस शवों को प्रैक्टिकल के लिए रखा जाता था। और उनके कीमती अंगों को निकाल लिया जाता था।

4.000
Fans
3.000
Followers
2.000
Subscribers
side-banner